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साप्ताहिक राशिफल ( 24 नवंबर से 30 नवंबर 2019 )

आइए और जानिए क्या कहते हैं आपकी किस्मत के तारे ज्योतिषविद् एवं कुण्डली विश्ल़ेषक अनीष व्यास से। साप्ताहिक राशिफल ( 24 नवंबर से 30 नवंबर 2019 ) आज का पंचाग 24  नवंबर 2019, रविवार 3 अग्रहायण (सौर) शक 1941, 10 अग्रहायण मास प्रविष्टे 2076, 26 रवि-उल-अव्वल सन् हिजरी 1441, मार्गशीर्ष कृष्ण त्रयोदशी एक बज कर छह मिनट तक उपरान्त चतुर्दशी, चित्रा नक्षत्र, मध्याह्न 12 बजकर 47 मिनट तक तदनन्तर स्वाति नक्षत्र, सौभाग्य योग रात्रि 2 बजकर 54 मिनट तक पश्चात शोभन योग, गर करण चन्द्रमा तुला राशि में (दिन-रात)।  प्रदोष व्रत। प्रदोष व्रत विधि पूर्वक करके श्री शिव सहस्रणाम से श्री रुद्राभिषेक करना चाहिए। सूर्य दक्षिणायन। सूर्य दक्षिण गोल। हेमन्त ऋतु।  आज कृष्ण पक्ष का प्रदोष व्रत है। प्रदोष व्रत हर महीने में दो बार आता है। प्रत्येक त्रयोदशी के शाम का वक्त प्रदोष काल माना जाता है। प्रत्येक व्रदोष व्रत का अपना अलग ही महत्व है। रविवार को पड़ने वाले प्रदोष व्रत का उपवास करने से भगवान शिव की कृपा से शारीरिक सुख और आरोग्य प्राप्त होता है । चर का चौघड़िया प्रातः 08:16 से 9:35 तक, ...

देवउठनी एकादशी आज...मांगलिक कार्य आरम्भ !!वरिष्ठ पत्रकार

देवउठनी एकादशी आज... मांगलिक कार्य  आरम्भ !! अनीष व्यास  वरिष्ठ पत्रकार हिंदू धर्म में देवउठनी एकादशी का बहुत बड़ा महत्व माना गया है। यह एकादशी हर साल कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को पड़ती है। इस बार यह दिन शुक्रवार, यानी आज 8 नवंबर को पड़ रहा है। इस दिन भगवान विष्णु और लक्ष्मी के साथ तुलसी की पूजा करने का भी विशेष महत्व माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार देवउठनी एकादशी के दिन श्री हरी चार महीने के शयनकाल के बाद जाग जाते हैं।  देवउठनी एकादशी को हरिप्रबोधिनी एकादशी और देवोत्थान एकादशी के नाम से भी जाता हैं। शास्त्रों के मुताबिक भगवान विष्णु आषाढ़ शुक्ल एकादशी को चार महीने के लिए सो जाते हैं और एक ही बार कार्तिक शुक्ल एकादशी को जागते हैं।   शास्त्रों के मुताबिक भगवान विष्णु ये चार महीनो के लिए सो जाते हैं और इस दौरान सभी मांगलिक कार्य वर्जित होते हैं। जब देव (भगवान विष्णु) जागते हैं तभी कोई मांगलिक कार्य शुरू होते है। इस दिन भगवान विष्णु के उठने के कारण ही देव जागरण या उत्थान होने के कारण ही इसे देवोत्थान एकादशी कहते हैं। इस दिन ...

दीपावली पर करे मां लक्ष्मी का पूजन...पाएं आर्थिक समृद्धि !!

दीपावली पर करे मां लक्ष्मी का पूजन...पा एं  आर्थिक समृद्धि !! अनीष व्यास  वरिष्ठ  पत्रकार कार्तिक मास की पूर्णिमा को मनाया जाने वाला खुशियों और रोशनी का त्योहार दीपावली हिंदू धर्म का सबसे बड़ा और प्राचीन त्योहार है। यह त्योहार मां लक्ष्मी के सम्मान में मनाया जाता है। कुछ जगहों पर इस त्योहार को नए साल की शुरुआत भी माना जाता है। दीपोत्सव से कई मान्यताएं जुड़ी हुई हैं। यह त्योहार भगवान राम और माता सीता के 14 वर्ष के वनवास के बाद घर आगमन की खुशी में मनाया जाता है। कथाओं के अनुसार दीपावली के दिन ही भगवान विष्णु ने नरसिंह रूप धारण कर हिरण्यकश्यप का वध किया था। यह भी कहा जाता है कि जब भगवान श्रीकृष्ण ने नरकासुर का वध किया तब ब्रजवासियों ने इस दिन दीप प्रज्ज्वलित कर खुशियां मनाईं। जैन धर्म के लोग इस त्योहार को भगवान महावीर के मोक्ष दिवस के रूप में मनाते हैं। दीपावली की रात को इस रूप में जाना जाता है कि मां लक्ष्मी ने पति के रूप में भगवान विष्णु को चुना और फिर उनसे विवाह किया। दीपावली का त्योहार भगवान विष्णु के वैकुंठ में वापसी के दिन के रूप में भी मनाया जाता है। यह भ...

किसी भी लक्ष्य को पाने के लिए बनाए अपनी रणनीति

किसी भी लक्ष्य को पाने के लिए बनाए अपनी रणनीति रंजीता  व्यास   लेखिका हर व्यक्ति के पास दिन के 24 घंटे होते हैं लेकिन किसी के लिए यह वक्त बहुत कम होता है तो कोई इन्हीं घंटों में अपना काम निपटा लेता है। आप अपने दिन को कैसे मैनेज करते हैं, यह आपकी कामयाबी की दिशा में सबसे अहम पहलू है। किसी भी लक्ष्य को पाने के लिए आपको सही रणनीति बनानी बहुत जरुरी है। अपने लक्ष्य के अनुसार ही आपको अपनी प्राथमिकताएं चुननी होती है। आज हम आपको ऐसे टिप्स के बारे में बताएंगे, जो आपकी रणनीति बनाने में बेहद कारगर साबित होंगे-  टाइम टेबल बनाना  आप कॉलेज, कोचिंग या ऑफिस कहीं भी जाते हैं, अगर आपने कोई लक्ष्य रखा है, तो सबसे पहले अपना टाइम टेबल बनाएं। आप अपने 24 घंटे को किस हिसाब से मैनेज करते हैं, यह बेहद जरुरी है। आप पेपर या मोबाइल चेक लिस्ट में टाइम टेबल सेव कर सकते हैं।  नींद पूरी करें  आप अपनी प्राथमिकताओं में नींद को भी जोड़ लें। आपके पास काम निपटाने के अलावा जितना भी टाइम बचता है, उसमें अपनी नींद पूरी कर लें। नींद न लेने की वजह से आपका दिमाग सही से काम नहीं कर पाएगा...

सौभाग्य वृद्धि के लिए धनतेरस पर करें मां लक्ष्मी का पूजन

सौभाग्य वृद्धि के लिए धनतेरस पर करें मां लक्ष्मी का पूजन रोग एवं शोक से मुक्ति दिलाता है यमदीप अनीष व्यास   ज्योतिषविद् एवं कुण्डली विश्ल़ेषक कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को धन की देवी के उत्सव का प्रारंभ होने के कारण इस दिन को धनतेरस के नाम से जाना जाता है। धनतेरस को धन त्रयोदशी व धन्वन्तरी त्रयोदशी के नाम से भी जाना जाता है। धनतेरस पर पांच देवताओं , गणेश जी , मां लक्ष्मी , ब्रह्मा , विष्णु और महेश की पूजा होती है।   ऐसी मान्यता है कि समुद्र मंथन के समय कलश के साथ माता लक्ष्मी का अवतरण हुआ उसी के प्रतीक के रूप में ऐश्वर्य वृद्धि , सौभाग्य वृद्धि के लिए बर्तन खरीदने की परम्परा शुरू हुई। औषधियों के जनक भगवान धनवंतरी की जयंती यानी धनतेरस का पर्व इस बार  25 अक्टूबर   को मनाया जाएगा। कहा जाता है कि समु्द्र मंथन के दौरान भगवान धनवंतरी और मां लक्ष्मी का जन्म हुआ था , यही वजह है कि धनतेरस को भगवान धनवंतरी और मां लक...