साल 2020 मे गुरु का गोचर...शुभ-अशुभ क्या असर होगा !!
साल 2020 मे गुरु का गोचर... शुभ-अशुभ क्या असर होगा !! अनीष व्यास ज्योतिषविद् एवं कुण्डली विश्ल़ेषक गुरु सभी ग्रहों में सबसे प्रधान ग्रह माना जाता है। गुरु को सबसे शुभ ग्रह कहा जाता है। बृहस्पति सभी ग्रहों के गुरु यानि शिक्षक हैं इसीलिए उन्हें ‘गुरु’ भी कहा जाता है। गुरु मीन और धनु राशि का स्वामी है। गुरु कर्क में उच्च और मकर में नीच के होते हैं। यह आकाश तत्व के ग्रह हैं। सूर्य, चंद्रमा व मंगल के साथ इनकी मित्रता है। तो शुक्र व बुध के साथ ये शत्रुवत संबंध रखते हैं। राहु-केतु व शनि के साथ इनका तटस्थ संबंध है। बृहस्पति में एक खास बात यह भी है कि इनकी भले ही किसी ग्रह से शत्रुता हो लेकिन जो ग्रह इनके साथ मित्रता नहीं रखते वे इनके शत्रु भी नहीं है यानि अधिकतर ग्रहों का बृहस्पति से तटस्थ रिश्ता है। गुरु विवेकशील ग्रह माने जाते हैं और चीज़ों को एक विस्तृत पटल पर समझने के लिये सद्बुद्धि गुरु से ही मिलती है। इसलिये इन्हें संपत्ति व ज्ञान का कारक भी माना गया है। जिस लोगों पर गुरु की कृपा होती है, उनकी कुंडली में कई दोषों का प...