आखिर बन ही गया रेडियो जॉकी

आखिर बन ही गया रेडियो जॉकी...!!
पत्रकारिता की एक और पायदान आज पूरी की...!!
सोचा भी न था कि एक दिन रेडियो जॉकी बन पाऊंगा। लेकिन अपने सपने को पूरा करने के लिए मेहनत से मुंह नहीं मोड़ा। कोशिश पर कोशिश करता रहा। आखिर आज वह मंजिल मिल ही गई। रेडियो सैल्फी 90.8 FM पर मौका मिला RJ बनने का।
मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन के साथ ही जोधपुर में पत्रकारिता का सफर आरंभ हुआ। दैनिक भास्कर, दैनिक नवज्योति और राजस्थान पत्रिका का सफर तय किया। फिर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में ETV राजस्थान में अजमेर ब्यूरो प्रमुख के पद पर रहते हुए जयपुर और हैदराबाद डेक्स पर कार्य किया। एक बार फिर प्रिंट मीडिया में राजस्थान पत्रिका जयपुर में मैनेजर सर्कुलेशन इवेंट के पद पर कार्य आरंभ किया। लेकिन आज रेडियो जॉकी बनकर मीडिया की एक और पायदान पार कर ली।
इस उपलब्धि का श्रेय मैं अपने परिवार को देना चाहता हूं। मेरी पत्नी रंजीता व्यास एवं दोनों बेटे यश व्यास, श्रेयांश व्यास जिन्होंने हर कदम पर मेरा हौसला बढ़ाया और साथ दिया। उनके प्यार और विश्वास के कारण यह संभव हो सका। मेरी मां अनसूया व्यास और पिता स्वर्गीय राजेंद्र प्रकाश व्यास के आशीर्वाद के बिना यह संभव नहीं था। उनका आशीर्वाद सदैव मेरे साथ है।
प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का सफर आपके प्यार विश्वास और आशीर्वाद के साथ अनवरत जारी रहेगा...।।
जिंदगी की असली उड़ान अभी बाकी है...मेरे इरादों का इम्तिहान अभी बाकी है...अभी तो नापी है मुट्ठी भर जमीन हमने...अभी तो सारा आसमान बाकी है...!!
सादर
अनीष व्यास

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