सिंजारा यानि धमोली की धमाल


पूरे देश में जहां पर भी राजस्थानी निवास करते हैं वहां पर आज सिंजारा यानि धमोली की धमाल की तैयारियां जोरों पर चल रही है। महिलाएं विशेष रूप से आज घरों में पकवान बनाती है जिस में अधिकतर पूरी, गट्टे की सब्जी,आलू की सब्जी और कबूली (नमकीन चावल) और बाजार से मिठाई नमकीन मंगाई जाती है । कुछ शहरों में धमोली की धमाल मचाने के लिए पकवानों की अस्थायी तौर पर दुकानें लगती है ।
आज दोपहर के बाद से रातभर और अलसुबह सूर्य उदय से पहले धमोली की जाती है. इसमें भोर सुबह में सूर्योदय से पहले भांति भांति की मिठाई, फल और पकवानों आदि का नाश्ता किया जाता है। अलसुबह इन पकवानों का आनंद लेने के बाद अच्छी तरह से कुल्ला करके एक बार पुनः सोने की परम्परा है।
कल, बड़ी तीज यानी सातुड़ी तीज हैं। महिलाओं द्वारा इस दिन पूरे दिन सिर्फ पानी पीकर उपवास किया जाता है. शाम को तलाई पूजा करने के बाद चंद्रदेव के दर्शन के बाद सत्तू, ऋतुफल और फैदड आदि परोसकर व्रत खोलती हैं।
फिर तीज के दिन तीजणियां सुबह नहा धोकर मंदिरों में दर्शन के लिए जाती है. महिलाये सोलह बार झूला झूलती है ।उसके बाद ही पानी पीती है।
जोधपुर शहर से शुरू हुई यह परंपरा आज पूरे देश में धूमधाम से मनाई जा रही है यानी धमोली का धमाल आप जोधपुर के अलावा जयपुर बीकानेर अजमेर दिल्ली मुंबई में भी ले सकते हैं।
आप सभी को सिंजारा (धमोली) की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं...!!
साभार/सादर
अनीष व्यास

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