एक पिता और बेटी की कहानी...!!


एक पिता और बेटी की कहानी...!!
पिता ने बेटी के सर पर हाथ रख कर बोला- मैं तेरे लिए ऐसा पति खोज कर लाऊंगा जो तुझे बहुत प्यार करें,तेरी भावनाओं का सम्मान करें, तेरे दुख-सुख को समझ सके और तेरी आंखों में आंसू ना आने दे। तेरी हर छोटी-छोटी ख्वाहिशों को पूरा कर सके।
बेटी ने पूछा- क्यों पापा ? 
पिता बोला - बेटा हर बाप का सपना होता है कि उसकी बेटी को राजकुमार जैसा पति मिले। जो उसे बहुत प्यार दे और हमेशा सुखी रखे ।
बेटी- तो पापा नाना जी ने भी आपको मम्मी का हाथ यही सोच कर दिया होगा कि आप भी राजकुमार हो । फिर आप मम्मी को हमेशा क्यों रुलाते हो ? कहीं बाहर भी नहीं ले जाते और प्यार भी नहीं करते ? हमेशा चिल्लाते रहते हो ? क्या आप अच्छे वाले राजकुमार नहीं निकले ? 
यह सुन पिता को एहसास हुआ कि मुझे भी किसी ने राजकुमार समझ कर अपने कलेजे का टुकड़ा दिया और मैं खुद तो राजकुमार बना रहा पर अपनी पत्नी को कभी राजकुमारी नहीं समझा। 
आज खुद बाप बनने के बाद एहसास हुआ है कि अपने दिल के टुकड़े को सही हाथ में नहीं सौंपा तो उसके दिल के टुकड़े हो जाएंगे । 
जो कोई बात भी नहीं सहेगा इसलिए जैसा आप अपनी बेटी के लिए सोचते हैं वैसा ही अपनी पत्नी के लिए सोचिए आखिर वह भी किसी की बेटी है किसी की आंख का तारा है उसे दुख होगा तो उसके पिता को भी दुख होगा। आप सभी अपने घर की औरतों को इज्जत और प्यार दीजिए क्योंकि वह भी किसी की बेटी है।
आपका
अनीष व्यास

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