आज होगा प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला

आज होगा प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला 

अनीष व्यास 
स्वतत्र पत्रकार 

राजस्थान विधानसभा चुनाव के रहस्य और रोमान्स से 11 दिसम्बर को पर्दा  उठ जाएगा सुबह 8 बजे से मतगणना शुरू होगी और दोपहर 12 बजे तक राजस्थान में वर्चस्व की सारी धुंधली तस्वीर पूरी तरह साफ हो जाएगी. हालांकि, सुबह 10 बजे तक रुझान आना शुरू हो जाएंगे। राजस्थान में 15वीं विधानसभा के लिए सात दिसंबर को मतदान किया गया। 
राज्य की कुल 200 में से 199 सीटों पर रिजल्ट आने हैं क्योंकि रामगढ़ विधानसभा सीट से बहुजन समाज पार्टी के प्रत्याशी लक्ष्मण सिंह का निधन होने के कारण वहां चुनाव स्थगित कर दिया गया था।  काउंटिंग से पहले एग्जिट पोल ने सभी की धड़कनें बढ़ा दी हैं एग्जिट पोल के ज्यादातर नतीजे एक बार फिर सत्ता परिवर्तन की ओर इशारा कर रहे हैं. यानी वसुंधरा राजे को अपनी कुर्सी गंवानी पड़ सकती है  हालांकि, बीजेपी और राजे जीत के दावे कर रहे हैं 
ऐसे में परंपरा के अनुरूप क्या एक बार फिर राजस्थान में सत्ता परिवर्तन होगा या वसुंधरा राजे के नेतृत्व में नरेंद्र मोदी का जादू बदस्तूर जारी रहेगा और बीजेपी इतिहास रचते हुए सत्ता में दोबारा वापसी करेगी? अगर कांग्रेस को जीत मिलती है तो सूबे की कमान सचिन पायलट को मिलेगी या अशोक गहलोत को फिर से मौका दिया जाएगा? साथ ही क्या बगावत करने वाले उम्मीदवार बिगाड़ेंगे मुख्य पार्टियों का खेल या फिर बीएसपी या हनुमान बेनीवाल की पार्टी बनेगी सत्ता की सूत्रधार? विधानसभा चुनाव के बाद प्रत्याशियों का भाग्य ईवीएम मशीनों में कैद हो गया। चुनाव परिणाम मंगलवार को आएगा,लेकिन कांग्रेस और भाजपा नेता चुनाव जीतने योग्य निर्दलिय प्रत्याशियों से सम्पर्क साधने में जुट गए है। दोनों ही दिलों के नेताओं का मानना है कि यदि बहुमत से कम सीटें उन्हे मिलती है तो वे निर्दलियों की मदद से सरकार बना सकते है,इसके प्रयास शुरू कर दिए गए है ।भाजपा में मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और केन्द्रीय कृषि राज्यमंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत सहित कई बड़े नेता निर्दलियों के सम्पर्क में है। वहीं कांग्रेस में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत,पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अविनाश पांडे और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट निर्दलिय प्रत्याशियों से सम्पर्क साध रहे है।राज्य की 7 विधानसभा सीटों पर निर्दलिय प्रत्याशी मजबूत स्थिति में है। इनमें जैतारण सीट से भाजपा के बागी सुरेन्द्र गोयल,खंडेला सीट से कांग्रेस के बागी महादेव सिंह,सिवाना सीट से निर्दलिय बालाराम चौधरी,लाडनूं सीट से कांग्रेस के बागी जगन्नाथ बुरड़क,केशरायपाटन से कांग्रेस के बागी सी.एल.प्रेमी,बिलाड़ा सीट से कांग्रेस के विजेन्द्र झाला और छबड़ा सीट से कांग्रेस के बागी वीरभद्र सिंह शामिल है।  
 एग्जिट पोल के नतीजों से उत्साहित कांग्रेस के सभी बड़े नेता पिछले तीन दिनों से दिल्ली में डेरा डाले हुए हैं कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट और अशोक गहलोत के बीच मुख्यमंत्री पद की कुर्सी को लेकर अंदरखाने मची खिंचतान में दोनों ही नेता सोनिया गांधी और राहुल गांधी से लेकर कांग्रेस के सभी बड़े नेताओं से मिल रहे हैं  जबकि मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे खंडित जनादेश की उम्मीद ऐसे निर्दलीय उम्मीदवारों को फोन कर रहीं हैं जिनके जीतने की उम्मीद है 
7 दिसबंर को चुनाव खत्म होते ही राज्य में कांग्रेस की तरफ से मुख्यमंत्री बनने का सपना संजोए महासचिव अशोक गहलोत दिल्ली रवाना हो गए अगले दिन अशोक गहलोत के कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की. सूचना मिलते ही प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट भी दिल्ली दरबार में पहुंच गए. दोनों ने यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी और पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी से मिलकर चुनाव का फिडबैक देने के बहाने अपनी दावेदारी भी जता दी. पायलट राहुल के करीबी माने जाते हैं, तो गहलोत को सोनिया गांधी बहुत पसंद करती हैं. मतगणना की तैयारियों को कार्यकर्ताओं के भरोसे छोड़ कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सीएम बनने की जंग में उलझे हैं 
कांग्रेस के नेता प्रतिपक्ष रामेश्वर डूडी और चुनाव अभियान समीति के अध्यक्ष रघु शर्मा को भी लग रहा है कि दोनों बड़े नेताओं की लड़ाई में मुख्यमंत्री पद उनकी झोली में भी सकता है, लिहाजा ये दोनों भी दिल्ली में कैंप किए हुए हैं कांग्रेस अध्यक्ष के लिए अपने नेतृत्व क्षमता की चुनौती की असली परीक्षा अब आई है कांग्रेस जीतती है तो माना जाएगा कि अब तक बीजेपी से नाराज जनता कांग्रेस को लेकर आना चाहती थी मगर उसके आगे घर की लड़ाई सुलझाना राहुल के सामने सबसे बड़ी चुनौती है 
इस बीच मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे अपनी सरकार के लिए एग्जिट पोल में शुभ समाचार पाकर पिछले दो दिनों से अबीजेपी दफ्तर में नेताओं के साथ मीटिंग कर रही हैं  बीजेपी को अभी लगता है कि वो रेस में है इसलिए कुछ विधायक कम पड़ जाएं तो इसकी तैयारी अभी से की जा रही है वसुंधरा राजे ने ऐसे निर्दलीय उम्मीदवारों की लिस्ट बनाई है जो चुनाव जीत सकते हैं और उनको साथ देने के लिए व्यक्तिगत फोन कर रही हैं 
5 राज्य में हुए विधानसभा चुनाव के नतीजे घोषित होने में कम का समय बचा है  पूरे देश की नजर मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ के नतीजों पर हैं, तीनों राज्य में भारतीय जनता पार्टी की सरकार है और हर जगह बीजेपी की कुर्सी खिसकने का खतरा है  मंगलवार को सभी राज्यों के नतीजे सुबह से ही आने शुरू हो जाएंगे, चुनाव आयोग ने इसके लिए बड़ी तैयारी की हैराजस्थान विधानसभा चुनाव के एक्जिट पोल में भले ही कांग्रेस की स्पष्ट जीत बताई गई है, लेकिन भाजपा का कहना है कि उसे राज्य में सत्ता में बने रहने का पूरा भरोसा है।
मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने भाजपा मुख्यालय में एक बैठक में हिस्सा लेने के बाद मीडिया से कहा, भाजपा राज्य में सरकार बनाएगी और किसी भी पार्टी कार्यकर्ता को इस बारे में चिंतित नहीं होना चाहिए।
केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत भी समान रूप से जीत को लेकर आश्वस्त हैं। वह भाजपा की चुनाव प्रबंधन समिति के समन्वयक भी हैं। उन्होंने कहा, एक्जिट पोल इसके पहले भी कई बार विफल साबित हुए हैं। इस बीच पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि उन्हें पूरा भरोसा है कि कांग्रेस राजस्थान विधानसभा चुनाव में पूर्ण बहुमत हासिल करेगी।
  
पांच राज्यों में संपन्न हुए विधानसभा चुनावों के नतीजे मगलवार घोषित होंगे। हाल ही में पांच राज्यों में संपन्न हुए विधानसभा चुनावों के बाद अब सबकी निगाहें इलेक्ट्रोनिक वोटिंग मशीनों (वीएम) पर टिकी हैं। इन चुनावों में इस्तेमाल की गईं 1 लाख 74 हजार ईवीएम में 8500 से ज्यादा उम्मीदवारों की किस्मत कैद है।
ये इलेक्ट्रोनिक वोटिंग मशीनें इस समय राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, मिजोरम और तेलंगाना के 670 अतिसुरक्षित कक्षों में रखी हैं। इन चुनावों में कुल 1 लाख 74 हजार 724 ईवीएम का इस्तेमाल किया गया। सबसे ज्यादा 65 हजार 367 मशीनें मध्य प्रदेश में इस्तेमाल की गईं। कुल 8 हजार 500 उम्मीदवारों ने इन चुनावों में किस्मत आजमाई है जिसमें सबसे ज्यादा 2907 उम्मीदवार मध्य प्रदेश में हैं।


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