मलाई घेवर
मलाई घेवर
रंजीता अनीष व्यास की रसोई में आपका हार्दिक स्वागत है। स्वाद भरी दुनिया ग्रुप आप सभी के लिए है। आप सभी नई नई स्वादिष्ट डिश बनाई है और स्वाद भरी दुनिया ग्रुप में भेजिए।मलाई घेवर राजस्थानी मिठाई है जो सावन में विशेषतौर
पर तीज और रक्षाबंधन त्यौहार का मुख्य मिष्ठान्न घेवर लगभग सभी के घरों में खाया जाता
है। घेवर सादा (प्लेन),
मावा या मलाई
घेवर जैसे फ्लेवरों
में बनाया जाता
है, यह आमतौर
पर 8 से 10 इंच
के व्यास का
होता है। इस
मिठाई को भारत
भर की किसी
भी मिठाई की
दुकान में खरीदा
जा सकता है
लेकिन राजस्थान में
बनाये जाने वाले
घेवर का कोई
जवाब ही नहीं
है। इसके लुभावने
स्वाद के कारण
आप इसे खरीदने
से इंकार नहीं
कर सकते। इसे घर पर बनाना हल्का सा कठिन ज़रूर है
पानी डेढ़ लीटर
दूध 1 लीटर
मैदा 500 ग्राम
घी 150 ग्राम
चीनी 50 ग्राम
इलायची पाउडर 5 ग्राम
केसर 1 ग्राम
सजाने के लिए
बादाम 20 ग्राम (कटे हुए)
काजू 20 ग्राम (कटे हुए)
खरबूजे का बीज
10 ग्राम
चाशनी बनाने के लिए
चीनी 500 ग्राम
पानी 250 मिली लीटर
घी 3 कप
चुटकी भर केसर
विधि
सबसे पहले एक
बर्तन में घी
लेकर उसमें बर्फ
के कुछ टुकड़ें
डालें और उसे
हाथ से फेंटें।
जब घी क्रीम
जैसी दिखने लगे,
तो बर्फ निकाल
दें और घी
को एकबार पुन:
फेंट लें। जब
घी क्रीम जैसा
लगने लगे, उसमें
आधा मैदा डालें
और और फिर
से फेंटें।
जब मैदा पूरी
तरह से घुल
जाए, तो बचा
हुआ मैदा भी
उसमें मिला लें
और दूध और
पानी मिला कर
अच्छी तरह से
फेंटें। ध्यान रहे मिश्रण
में गुठली नहीं
रहनी चाहिए और
घोल एकसार होना
चाहिए। साथ ही
वह इतना पहता
होना चाहिए कि
चम्मच में लेकर
गिराने से पतली
धार बनकर गिरना
चाहिए।घोल तैयार होने पर
एक पतला लेकिन
मोटे तले का
गहरा भगोना लें
और उसमें लगभग
आधा भगोना घी
भरकर गर्म करें।
घी गर्म होने
पर बड़े चम्मच
में मैदे का
घोल लेकर भगोने
में गोलाई से
गिराएं। घोल इतना
गिराएं कि भगोने
में गोलाई में
एक परत जैसी
बन जाए।
मैदे का यह
मिश्रण घी के
ऊपर तैरने लगेगा।
अगर मैदा बीच
में जमा हो
रहा हो, तो
उसे चाकू या
किसी अन्य नुकीली
चीज से किनारे
की ओर कर
दें और मिश्रण
के बीच में
एक बड़ा सा
छेद कर दें
लगभग 2 मिनट बाद
फिर से मैदे
का घाेल गोलाई
से भगाेने में
डालें और एक
के ऊपर एक
करके दो या
तीन (जितनी मोटाई
आप चाहें) बना
लें। जब घेवर
की पर्त भगोने
में मनचाहे साइज
की बन जाए,
तो उसपर मैदे
का घोल न
डालें और उसे
सुनहरा होने तक
सेंक लें।
चाशनी बनाने के लिए
एक पैन (बर्तन)
में चीनी, इलाइची
पाउडर और पानी
डालकर आँच पर
रखें और एक
तार की चाशनी बना लें। घेवर को
10 सेकंड के लिए
पूरी तरह चाशनी
में डुबो दें,
फिर उसको एक
प्लेट में निकाल
लें। मलाई रबड़ी
(मिठाई की दुकानों
में उपलब्ध है
या घर पर
भी तैयार की
जा सकती है)
को घेवर के
ऊपर फैलायें और
अधिक स्वादिष्ट बनाने
के लिए सूखे
मेवे से सजायें।
घेवर के ऊपर रबड़ी
और सूखे मेवे सजाये
घेवर के ऊपर
एक परत रबड़ी
की बिछाइये और
ऊपर से कतरे
हुये बादाम और
पिस्ते डाल दीजिये। स्वादिष्ट घेवर बनकर
तैय़ार हैं आप
इन्हें परोसिये और खाइये।
फीके घेवर
1 माह तक खाने
के लिए उपयोग
में लाए जा
सकते हैं लेकिन
मीठे घेवर 15-20 दिन
तक उपयोग में
लाए जा सकते
हैं। लेकिन रबडी़ लगा
देने के बाद
इनको सिर्फ 3 दिन
तक ही खाने
के लिए उपयोग
किया जाता है।
सादर
रंजीता अनीष व्यास
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