कोई निश्चित लक्ष्य न हो तब तक कुछ सीखते रहें
कोई निश्चित लक्ष्य न हो तब तक कुछ सीखते रहें
रंजीता व्यास
लेखिका
अस्पतालों में मरीज और डॉक्टर के लिए स्थिति बेहद तकलीफदेह तब होती है, जब रिपोर्ट के इंतजार में इलाज में देरी होने लग जाए और मरीज की जान आफत में पड़ जाए। कल्याण सिवासैलम ने इस आम समस्या पर गौर किया और अपने स्टार्टअप ‘5सी नेटवर्क' से अस्पतालों और डायग्नोस्टिक सेन्टरों को रेडियोलॉजिस्ट से जोड़ा, ताकि एमआरआई जैसी जरूरी रिपोर्ट जल्दी मिल सके और मरीज की बीमारी को समय रहते ठीक किया जा सके। वह अपनी इस उपलब्धि के लिए फोर्ब्स की 2019 की ‘30 अंडर 30-एशिया' सूची में जगह बना चुके हैं।.
कैसे हुए प्रेरित: कल्याण सिवासैलम ने नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से कंप्यूटर इंजीनियरिंग की है। इसके अलावा उन्होंने बैंगलुरु स्थिति नेशनल लॉ स्कूल से इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी लॉ में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा किया हुआ है। इतनी पढ़ाई के बाद वह कुछ अपनी रुचि का काम करना चाहते थे। यह साल 2015 की बात है, वह एंटरप्रिन्योर बनने के बारे में सोच रहे थे। इसमें साथ दिया उनके दोस्त सैयद अहमद ने।
दोनों मित्र चिकित्सा क्षेत्र में स्टार्टअप की संभावनाएं तलाशने लगे। इस बीच उनके दोस्त सैयद बीमार पड़ गए और उन्हें अस्पताल में भर्ती होना पड़ा। लेकिन, बिना एमआरआई रिपोर्ट के बीमारी के कारणों को समझा नहीं जा सकता था। रिपोर्ट पाने और बीमारी के इलाज के लिए उन्हें कुछ दिन और अस्पताल में बिताने पड़े। अस्पताल में मिले इस अनुभव से कल्याण को रेडियोलॉजिस्ट की अहमियत का पता चला और जाना कि समय पर इलाज के लिए एमआरआई रिपोर्ट का जल्दी मिलना कितना जरूरी होता है। चिकित्सा क्षेत्र में इस बड़ी खामी पर उनका ध्यान गया। वह इस समस्या के समाधान के लिए एक आइडिया पर काम करने लगे। उन्होंने रेडियोलॉजिस्ट को अस्पतालों, डायनोस्टिक सेंटर से जोड़ने की योजना बनाई, ताकि समय पर एक्स-रे, सीटी और एमआरआई स्कैन मिल सके।
यहां कल्याण की कंप्यूटर इंजीनियरिंग की समझ बेहद काम आई। उन्होंने एक क्लाउड बेस्ड प्लेटफॉर्म विकसित किया, जो ऐसा कर सकता था। फरवरी 2016 में उन्होंने स्टार्टअप 5सी नेटवर्क शुरू किया। सबसे पहले मैसूर का एक अस्पताल उनके स्टार्टअप की सेवा लेने लगा। तब से कल्याण और उनकी टीम रोजाना लगभग एक हजार रिपोर्ट को संभालते हैं, जो उनके 5सी नेटवर्क क्लाउड में अपलोड होते हैं। रिपोर्ट अपलोड होने के बाद एक दूसरा रेडियोलॉजिस्ट रिपोर्ट को जांचता है। कल्याण अपनी सेवाओं के लिए अस्पतालों और रेडियोलॉजिस्ट से फीस लेते हैं। इन सेवाओं से चिकित्सा केन्द्रों और रेडियोलॉजिस्ट को भी काफी फायदा पहुंचा है।
सीख- कोई निश्चित लक्ष्य न होते हुए भी हमें नई स्किल सीखते रहने की ओ कदम बढ़ाते रहना चाहिए। इससे हमारी क्षमता में इजाफा होता है। मौका आने पर अपने करियर को तय रूप देने में आसानी होती है।
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