मंगल दोष या मंगली योग क्या है...समस्या और समाधान !!

मंगल दोष या मंगली योग क्या है...समस्या और समाधान !!
मंगल नहीं करता अमंगल
मंगल ग्रह से आमतौर पर लोग डरते हैं लेकिन जिसका नाम ही मंगल हो वह अमंगल कैसे कर सकता है। यह ग्रह मंगल देव है लेकिन अशुभ नहीं है। जन्म कुंडली में हर ग्रह शुभ और अशुभ फल देते हैं। ऐसे ही मंगल ग्रह भी दोनों तरह के फल देते हैं। यह ग्रह सदैव सभी के लिए कौतूहल यानी चर्चा का विषय रहा है। ज्योतिष में मंगल देव को काल पुरुष का पराक्रम माना गया है। ग्रह मंडल में इन्हें सेनापति का पद दिया गया है।
मंगल देव पराक्रम, स्फूर्ति, साहस आत्मविश्वास, धैर्य, देशप्रेम, रक्त एवं शस्त्र विद्या के अधिपति माने गए हैं। यहां आपको विशेष रूप से बताना चाहता हूं कि अग्नि तत्व होने से मंगल सभी प्राणियों को जीवन शक्ति देता है। यह प्रेरणा, उत्साह एवं साहस का प्रेरक होता है। मंगल से मंगली योग कैसे बनता है। क्या इसके लाभ है। आइए जानते हैं।
मंगली योग या दोष क्या है ??
यदि आप से कोई हालचाल पूछता है तो आप कहते हैं सब कुशल-मंगल है यानी कि सब कुछ सही एवं शुभ है। जब मंगल होता है तभी सब अमंगलो का नाश हो जाता है। मंगल भवन अमंगलहारी रामायण की चौपाई सुनी है आपने, यानी जो मंगल और अमंगल का हरण करें। वह मंगल है। यही बात मंगल ग्रह के बारे में कही गई है। मंगल उग्र ग्रह है लेकिन अशुभ नहीं है।
किसी की भी कुंडली में प्रथम, चतुर्थ, सप्तम, अष्टम एवं द्वादश भाव में अगर मंगल है तो वह मंगली योग कहलाता है। मांगलिक नहीं मंगली योग होता है मांगलिक कार्य होते और मंगल योग होता है।
हम जब भी देखते हैं तो लड़की या लड़के के माता-पिता कहते हैं कि मांगलिक है या कहते हैं कि मांगलिक दोष है। मांगलिक शब्द का अर्थ होता है शुभ कार्य। मांगलिक योग हो सकता है लेकिन मांगलिक दोष नहीं हो सकता है। मांगलिक नहीं मंगली होता है।
मंगली योग जिन जातकों या कुंडली में होता है उनका विवाह समय पर नहीं हो पाता है, व्यापार में घाटा हो रहा है, हर कार्य में विलंब होता है, बनते कार्य बिगड़ जाते हैं, धन आने से पूर्व खर्चा तैयार रहता है और घर का कोई सदस्य बीमार रहता है या बाधाएँ आती है।

पूर्ण विधि-विधान से हनुमान जी की आराधना करें।
मंगल दोष निवारण के लिए मंगल जाप, हवन एवम् पूजा कराएं और घर पर प्राण प्रतिष्ठित मंगल यंत्र की स्थापना करें।
प्रतिदिन सरसों के तेल का दीपक सुबह-शाम घर में हनुमान जी की प्रतिमा के समक्ष जलाएं।
मंगलवार और शनिवार को हनुमान मंदिर दर्शन जाकर दर्शन करें।
प्रतिदिन हनुमान चालीसा, संकट मोचन का पाठ और आरती करें।
संकट कटेै मिटे सब पीरा, जो सुमिरे हनुमत बलबीरा ।।

मंगल दोष या मंगली योग या इन समस्याओं के समाधान के लिए और कुंडली विश्ल़ेषण एवं ज्योतिष सहायता के लिए संपर्क करें।
अनीष व्यास
ज्योतिषविद् एवं कुण्डली विश्ल़ेषक
9460872809

ज्योतिषविद् एवं कुण्डली विश्ल़ेषक
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