ज्योतिषीय सहायता या उपचार से करें ग्रहों की शांति

ज्योतिषीय सहायता या उपचार से करें ग्रहों की शांति 

यह सत्य है कि वर्तमान में जीवन की नियति पूर्व जन्म के कर्मों के फल पर आधारित है। जातक पर ग्रह ग्रहों की शुभ-अशुभ दशा-दृष्टि का आधार भी पूर्वजन्म कृत उचित-अनुचित, पाप-पुण्य कृत्य से है इसके लिए सभी ग्रहों का शुभ-अशुभ प्रभाव सभी पर पड़ता है कालचक्र और भाग्य चक्र के स्वामी महाकालेश्वर इससे सहमत है कि प्रत्येक प्राणी को अपने कर्मों का फल भोगना चाहिए वह स्वयं इसमें हस्तक्षेप करना उचित नहीं मानते हैं ग्रह न तो किसी के शत्रु और न मित्र हैं अथर्व वेदीय यानि वेदांग ज्योतिष, ऋषि पराशर, जैमीनी तथा वाराहमिहिर आदि के अनुसार जन्म कुंडली में जो ग्रह प्रतिकूल हो, पूर्व जन्मकृत अनुचित, दोषमुक्त कर्म से रुष्ट हो, नाराज हो कष्ट दे रहे हो तो उसे ज्योतिषी सहायता या उपचार के माध्यम से शांत और प्रसन्नचित्त किया जाना संभव है इसके लिए संबंधित ग्रहों के प्रतीक देवों  की पूजा, मंत्र, जाप, हवन और ग्रहों से जुड़ी वस्तुओं का दान आराधना आदि करना मुख्य आधार है

ग्रहों की शांति के लिए कुछ सरल उपाय आपको बताए जा रहे हैं 

सूर्य -   सू सूर्याय नमः 
चंद्रमा -  चं चंद्राय नमः 
मंगल -  कुं कुजा नमः
बुध  - ॐ बुं बुधाय नमः 
बृहस्पति / गुरु  - ॐ बृं बृहस्पतये नमः 
शुक्र - ॐ शुं शुक्राय नमः 
शनि - ॐ शं शनये नमः 
राहु - ॐ रां राहवे नमः 
केतु -  कें केतवे नमः 
इसके अलावा आप इन मंत्रों का जाप भी कर सकते हैं 
 नमः शिवाय 
 हनुमतये नमः 
 नमो भगवते वासुदेवाय 

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अनीष व्यास 
ज्योतिषविद् एवं कुण्डली विश्ल़ेषक
9460872809

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